त्योहार और शुभ काल

रक्षाबंधन 2026

रक्षाबंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम और सुरक्षा के अटूट रिश्ते का पर्व है। बहनें अपने भाइयों की कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधकर उनकी दीर्घायु की प्रार्थना करती हैं।

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तिथि एवं दिनांक (2026)

August 28, 2026 (Friday)

ecoमुख्य तिथि: श्रावण पूर्णिमा

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मुख्य आराध्य देव

भगवान श्रीकृष्ण और द्रौपदी

schedule

शुभ पूजा मुहूर्त (2026)

रक्षाबंधन राखी बांधने का मुहूर्त: सुबह 05:58 से शाम 06:12 तक

infoस्थानीय समय के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनटों का बदलाव संभव है

रक्षाबंधन आगामी तिथियां

2026

August 28, 2026 (Friday)

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2027

August 17, 2027 (Tuesday)

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पूजन मंत्र

येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलः। तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे मा चल मा चल॥

जिस रक्षा सूत्र से महाबली दानवराज राजा बलि बांधे गए थे, उसी पवित्र सूत्र से मैं तुम्हें बांधती हूँ। हे रक्षा सूत्र! तुम सदा स्थिर रहकर इसकी रक्षा करना।

spaरक्षाबंधन पूजा विधि

1

एक सुंदर पूजा की थाली में दीपक, रोली, अक्षत, राखी और मिठाइयां सजाएं।

2

भाई के माथे पर रोली और अक्षत का तिलक लगाएं।

3

रक्षा मंत्र बोलते हुए भाई की दाहिनी कलाई पर रक्षा सूत्र (राखी) बांधें।

4

एक-दूसरे को मिठाई खिलाएं और बहन भाई की लंबी उम्र की प्रार्थना करे।

5

भाई बहन को उपहार देता है और आजीवन रक्षा का वचन देता है।

auto_storiesपौराणिक कथा व महत्व

महाभारत के अनुसार, जब सुदर्शन चक्र से भगवान श्रीकृष्ण की उंगली कट गई थी, तब द्रौपदी ने तुरंत अपनी साड़ी का पल्लू फाड़कर उनकी उंगली पर बांध दिया था। श्रीकृष्ण ने इस स्नेह के बदले द्रौपदी को सदा रक्षा करने का वचन दिया और चीरहरण के समय उनकी लाज बचाकर उस वचन को निभाया।