त्योहार और शुभ काल

महा शिवरात्रि 2026

महा शिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित सबसे पवित्र रात्रि है। श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और शिव लिंग पर बेलपत्र व कच्चा दूध चढ़ाकर ध्यान व साधना करते हैं।

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तिथि एवं दिनांक (2026)

February 15, 2026 (Sunday)

ecoमुख्य तिथि: फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी

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मुख्य आराध्य देव

भगवान शिव और माता पार्वती

schedule

शुभ पूजा मुहूर्त (2026)

निशीथ काल पूजा: रात 12:09 से 01:00 तक (16 फरवरी 2026)

infoस्थानीय समय के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनटों का बदलाव संभव है

महा शिवरात्रि आगामी तिथियां

2026

February 15, 2026 (Sunday)

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2027

March 6, 2027 (Saturday)

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पूजन मंत्र

ॐ त्र्यम्बकम् यजामहे सुगन्धिम् पुष्टिवर्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्॥

हम तीन नेत्रों वाले भगवान शिव की पूजा करते हैं, जो सबका पोषण करते हैं। वे हमें मृत्यु के बंधनों से मुक्त कर अमरता की ओर ले जाएं।

spaमहा शिवरात्रि पूजा विधि

1

सुबह स्नान करें और पूरे दिन व रात व्रत रखने का संकल्प लें।

2

शिवलिंग के अभिषेक के लिए पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद, चीनी) तैयार करें।

3

शिवलिंग पर बेलपत्र, धतूरा, भांग और चंदन का लेप चढ़ाएं।

4

निरंतर "ॐ नमः शिवाय" का जप करें और शिव चालीसा का पाठ करें।

5

रात के चार प्रहरों में भगवान शिव की विशेष प्रहर पूजा करें।

auto_storiesपौराणिक कथा व महत्व

शिवपुराण के अनुसार, महाशिवरात्रि वह रात है जब भगवान शिव ने तांडव—सृष्टि, स्थिति और संहार का अलौकिक नृत्य किया था। इसे भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह के रूप में भी मनाया जाता है, जो पुरुष (चेतना) और प्रकृति (ऊर्जा) के मिलन का प्रतीक है।