त्योहार और शुभ काल

करवा चौथ 2026

करवा चौथ सुहागिन महिलाओं का एक प्रमुख त्योहार है, जिसमें वे अपने पति की लंबी आयु और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर व्रत खोलती हैं।

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तिथि एवं दिनांक (2026)

October 29, 2026 (Thursday)

ecoमुख्य तिथि: कार्तिक कृष्ण चतुर्थी

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मुख्य आराध्य देव

माता पार्वती, भगवान शिव और चंद्र देव

schedule

शुभ पूजा मुहूर्त (2026)

पूजा मुहूर्त: शाम 05:38 से 06:56 तक / चंद्रोदय: रात 08:12 बजे

infoस्थानीय समय के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनटों का बदलाव संभव है

करवा चौथ आगामी तिथियां

2026

October 29, 2026 (Thursday)

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2027

October 18, 2027 (Monday)

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पूजन मंत्र

नमः शिवायै शर्वाण्यै सौभाग्यं संततिं शुभाम्। प्रयच्छ भक्तियुक्तानां नारीणां हरवल्लभे॥

हे शिवप्रिया माता पार्वती, श्रद्धापूर्वक आपकी शरण में आई सुहागिनों को अखंड सौभाग्य, संतान सुख और समृद्धि का वरदान दें।

spaकरवा चौथ पूजा विधि

1

सूर्योदय से पहले सास द्वारा दी गई सरगी खाएं और निर्जला व्रत का संकल्प लें।

2

दिनभर भजन-कीर्तन करें और दोपहर या शाम को करवा चौथ की व्रत कथा सुनें।

3

शाम को मिट्टी के करवे में जल भरकर करवा माता, शिव-पार्वती और कार्तिकेय की पूजा करें।

4

थाली बटाने की रस्म करें और बड़ों का आशीर्वाद लें।

5

चंद्रोदय होने पर छलनी से पति और चंद्रमा को देखें, अर्घ्य दें और पति के हाथ से पानी पीकर व्रत खोलें।

auto_storiesपौराणिक कथा व महत्व

करवा चौथ की प्रसिद्ध कथा रानी वीरवती से जुड़ी है। वीरवती के सात भाई थे। उसने अपने पीहर में पहला करवा चौथ का व्रत रखा था। भूख-प्यास से व्याकुल होकर वह बेहोश हो गई। भाइयों ने लाड़-प्यार में पहाड़ी के पीछे आग जलाकर छलनी से रोशनी दिखाई कि चंद्रमा निकल आया है। वीरवती ने अर्घ्य देकर भोजन कर लिया, जिससे उसका पति बीमार होकर मृत्यु को प्राप्त हो गया। अगले वर्ष उसने पूरी श्रद्धा से पुनः व्रत रखा, जिससे करवा माता ने उसका सुहाग लौटा दिया।