श्री कृष्ण जन्माष्टमी 2026
कृष्ण जन्माष्टमी भगवान विष्णु के आठवें पूर्णावतार भगवान श्री कृष्ण के पावन जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी की मध्यरात्रि में रोहिणी नक्षत्र में कान्हा का जन्म हुआ था।
तिथि एवं दिनांक (2026)
September 4, 2026 (Friday)
ecoमुख्य तिथि: भाद्रपद कृष्ण अष्टमी
मुख्य आराध्य देव
भगवान श्री कृष्ण (बाल गोपाल)
शुभ पूजा मुहूर्त (2026)
निशीथ काल पूजा: रात 11:58 से 12:44 तक (5 सितंबर 2026)
श्री कृष्ण जन्माष्टमी आगामी तिथियां
September 4, 2026 (Friday)
August 25, 2027 (Wednesday)
पूजन मंत्र
हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे। हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे॥
परम दिव्य भगवान श्री कृष्ण और श्री राम की स्तुति, जो समस्त आनंद और शांति के परम स्रोत हैं।
spaश्री कृष्ण जन्माष्टमी पूजा विधि
दिनभर उपवास रखें और भगवान श्रीकृष्ण के भजनों का संकीर्तन करें।
घर के मंदिर को सजाएं और लड्डू गोपाल को सुंदर पालने (झूला) में विराजित करें।
मध्यरात्रि (12:00 बजे) पंचामृत और गंगाजल से बाल गोपाल का अभिषेक करें।
प्रभु को नए पीले वस्त्र (पीताम्बर) पहनाएं और मोरपंख लगाएं।
माखन-मिश्री, पंजीरी और पंचामृत का भोग लगाएं और प्रेम से झूला झुलाएं।
auto_storiesपौराणिक कथा व महत्व
भगवान श्री कृष्ण का जन्म मथुरा के राजा कंस के कारागार में माता देवकी और वासुदेव के यहाँ हुआ था। अत्याचारी कंस से बालक की रक्षा के लिए वासुदेव जी ने तूफानी रात में उफनती यमुना नदी पार कर कान्हा को गोकुल में नंद बाबा और यशोदा मैया के घर सुरक्षित पहुंचा दिया था।