होली 2026
रंगों का त्योहार होली वसंत ऋतु के आगमन और बुराई पर भलाई की जीत का उत्सव है। रंगों से खेलने (धुलंडी) से एक दिन पहले शाम को होलिका दहन किया जाता है, जो नकारात्मकता और अहंकार को भस्म करने का प्रतीक है।
तिथि एवं दिनांक (2026)
March 4, 2026 (Wednesday) / Holika Dahan: March 3
ecoमुख्य तिथि: फाल्गुन पूर्णिमा
मुख्य आराध्य देव
भगवान विष्णु और राधा-कृष्ण
शुभ पूजा मुहूर्त (2026)
होलिका दहन मुहूर्त: शाम 06:18 से रात 08:44 तक (3 मार्च 2026)
होली आगामी तिथियां
March 4, 2026 (Wednesday) / Holika Dahan: March 3
March 23, 2027 (Tuesday) / Holika Dahan: March 22
पूजन मंत्र
ॐ नृसिंहाय विद्महे वज्रनखाय धीमहि तन्नो नृसिंहः प्रचोदयात्॥
भक्तों के रक्षक भगवान नृसिंह हमारी बुद्धि को सन्मार्ग पर ले जाएं और सभी बुराइयों से हमारी रक्षा करें।
spaहोली पूजा विधि
होलिका दहन के लिए सूखी लकड़ी इकट्ठा करें और होलिका व भक्त प्रहलाद की गोबर की मूर्तियां बनाएं।
अलाव के चारों ओर पूजा करें, जल, कच्चा सूत, चना और फूल अर्पित करें।
अग्नि की तीन या सात बार परिक्रमा (प्रदक्षिणा) करें और परिवार के स्वास्थ्य की प्रार्थना करें।
अगले दिन रंग और गुलाल से उत्सव मनाएं, सबसे पहले बड़ों और भगवान को गुलाल अर्पित करें।
मित्रों और परिजनों के साथ साझा करने के लिए गुजिया और मालपुआ जैसे विशेष पकवान तैयार करें।
auto_storiesपौराणिक कथा व महत्व
होली की कथा भक्त प्रहलाद और उनके राक्षस पिता हिरण्यकशिपु से जुड़ी है। हिरण्यकशिपु स्वयं को भगवान मानता था, लेकिन प्रहलाद विष्णु भक्त थे। क्रोधित होकर राजा ने अपनी बहन होलिका (जिसे अग्नि से न जलने का वरदान था) को प्रहलाद को गोद में लेकर चिता पर बैठने का आदेश दिया। प्रहलाद की भक्ति के कारण वे सुरक्षित बच गए और होलिका जलकर भस्म हो गई। ब्रज में होली भगवान कृष्ण और राधा के दिव्य प्रेम के उत्सव के रूप में भी मनाई जाती है।