दीपावली (दिवाली) 2026
दीपावली अंधकार पर प्रकाश और अज्ञान पर ज्ञान की विजय का प्रतीक है। यह हिंदू कैलेंडर के सबसे महत्वपूर्ण त्योहारों में से एक है, जिस दिन मिट्टी के दीपक जलाए जाते हैं, रंगोली बनाई जाती है और सुख-समृद्धि के लिए माता लक्ष्मी और श्री गणेश की विशेष पूजा की जाती है।
तिथि एवं दिनांक (2026)
November 8, 2026 (Sunday)
ecoमुख्य तिथि: कार्तिक अमावस्या
मुख्य आराध्य देव
माता लक्ष्मी और भगवान श्री गणेश
शुभ पूजा मुहूर्त (2026)
लक्ष्मी पूजा मुहूर्त: शाम 05:42 से रात 07:44 तक (प्रदोष काल)
दीपावली (दिवाली) आगामी तिथियां
November 8, 2026 (Sunday)
October 29, 2027 (Friday)
पूजन मंत्र
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद श्रीं ह्रीं श्रीं ॐ महालक्ष्म्यै नमः॥
हे माता लक्ष्मी, मेरे घर में वास करें, सभी बाधाओं को दूर करें और मुझे धन-धान्य तथा समृद्धि का आशीर्वाद दें।
spaदीपावली (दिवाली) पूजा विधि
घर की पूरी सफाई करें और प्रवेश द्वार को आम के पत्तों, गेंदे के फूलों और रंगोली से सजाएं।
एक चौकी पर लाल कपड़ा बिछाएं और उस पर माता लक्ष्मी और भगवान गणेश की मूर्तियां स्थापित करें।
पंचामृत तैयार करें, घी का दीपक जलाएं और कलश स्थापना करें।
देवी-देवताओं को फूल, सिंदूर, मिठाई, सूखे मेवे और धनिए के बीज (धनिया) अर्पित करें।
आरती करें, घंटी बजाएं और घर के हर कोने में तेल के दीये (दीपक) जलाएं।
auto_storiesपौराणिक कथा व महत्व
दीपावली का मुख्य इतिहास भगवान श्री राम, माता सीता और लक्ष्मण के 14 वर्ष के वनवास और राक्षस राज रावण का वध कर अयोध्या लौटने से जुड़ा है। उनके स्वागत में अयोध्यावासियों ने पूरे नगर को सजाया और घी के दीये जलाए। एक अन्य मान्यता के अनुसार, कार्तिक अमावस्या के दिन ही समुद्र मंथन से माता लक्ष्मी का प्राकट्य हुआ था, इसलिए इस रात्रि को लक्ष्मी पूजन का विधान है।