त्योहार और शुभ काल

गणेश चतुर्थी 2026

गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है, जिन्हें बुद्धि, समृद्धि और विघ्नहर्ता माना जाता है। इस दिन घरों में मिट्टी के गणेश जी की स्थापना की जाती है और उन्हें मोदक का भोग लगाया जाता है।

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तिथि एवं दिनांक

September 14, 2026 (Monday)

ecoमुख्य तिथि: भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी

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मुख्य आराध्य देव

भगवान श्री गणेश

schedule

शुभ पूजा मुहूर्त

गणेश पूजा मुहूर्त: सुबह 11:03 से दोपहर 01:32 तक

infoस्थानीय समय के अनुसार मुहूर्त में कुछ मिनटों का बदलाव संभव है

पूजन मंत्र

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ। निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥

हे टेढ़ी सूंड वाले, विशाल शरीर वाले, करोड़ सूर्यों के समान तेजस्वी देव, मेरे सभी कार्यों को सदा विघ्न-मुक्त करें।

spaगणेश चतुर्थी 2026 पूजा विधि

1

एक सुंदर चौकी पर गणेश जी की मूर्ति स्थापित करें और प्राणप्रतिष्ठा करें।

2

लाल सिंदूर लगाएं और गणेस जी को 21 दूर्वा घास अर्पित करें।

3

धूप और घी का दीपक जलाएं, लाल फूल और फल अर्पित करें।

4

गणेश जी के प्रिय भोग के रूप में 21 मोदक या लड्डू चढ़ाएं।

5

सुबह-शाम आरती करें और भगवान गणेश के जन्म की कथा पढ़ें।

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auto_storiesगणेश चतुर्थी 2026 व्रत कथा व धार्मिक महत्व

पौराणिक कथा के अनुसार, माता पार्वती ने अपने शरीर के मैल से गणेश जी की रचना की थी और उन्हें द्वार पर पहरा देने का आदेश दिया था। जब भगवान शिव अंदर जाने लगे, तो गणेश जी ने उन्हें रोक दिया। क्रोधित होकर शिव जी ने उनका सिर धड़ से अलग कर दिया। माता पार्वती के विलाप को देखकर शिव जी ने उन्हें पुनर्जीवित करने का वचन दिया और गजराज (हाथी) का सिर उनके धड़ पर लगाया। शिव जी ने उन्हें सभी देवताओं में प्रथम पूज्य होने का वरदान दिया।
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