॥ श्री अर्गला स्तोत्रम् ॥

Authorized Vedic TextAd-Supported Hub
ॐ जयन्ती मङ्गला काली भद्रकाली कपालिनी। दुर्गा क्षमा शिवा धात्री स्वाहा स्वधा नमोऽस्तु ते॥ जय त्वं देवि चामुण्डे जय भूतापहारिणि। जय सर्वगते देवि कालरात्रि नमोऽस्तु ते॥ मधुकैटभविद्रावि विधातृवरदे नमः। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥ महिषासुरनिर्नाशि भक्तानां सुखदे नमः। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥ रक्तबीजवधे देवि चण्डमुण्डविनाशिनि। रूपं देहि जयं देहि यशो देहि द्विषो जहि॥
temple_hindu

Authorized by TodayPanchang.in

history_edu

Recommended for you

Chalisa Collection

Browse Hub